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एहसास

श्रद्धा और समर्पण.

*_🥀 ..श्रद्धा और समर्पण..🥀_*
*_एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा।_*
*_ दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई। वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था।_*
*_ उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम हुई थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे।_*
*_ वह गाय उस किचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों भी करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फस गए।_* *_दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था।_*
*_थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है?_*
*_बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।_*
*_गाय ने…

कुछ शब्दो फुल फार्म

*Useful information*
🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸

1. *PAN*
Permanent Account Number.

2. *PDF*
Portable Document format.

3. *SIM*
Subscriber Identity Module.

4. *ATM*
Automated Teller Machine.

5. *IFSC*
Indian Financial System Code.

6. *FSSAI(Fssai)*
Food Safety & Standards
Authority of India.

7. *Wi-Fi*
Wireless Fidelity.

8. *GOOGLE*
Global Organization Of
Oriented Group
Language Of Earth.

9. *YAHOO*
Yet Another Hierarchical
Officious Oracle.

10. *WINDOW*
Wide Interactive Network
Development for
Office work Solution.

11. *COMPUTER*
Common
Oriented Machine.
Particularly United
and used under Technical
and Educational Research.

12. *VIRUS*
Vital Information
Resources Under Siege.

13. *UMTS*
Universal
Mobile Telecommunicati ons
System.

14. *AMOLED*
Active-Matrix Organic Light-
Emitting diode.

15. *OLED*
Organic
Light-Emitting diode.

16. *IMEI*
International Mobile
Equipment Identity.

17. *ESN*
Electronic
Serial Number.

18. *UPS*
Uninterruptible
Power Supply.

19. *HDMI*
High-Definition
Multimedia …

सफलता का रहस्य

👉 संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं। 🔴 एक बार एक युवक को संघर्ष करते – करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। वह काफी निराश हो गया, और नकारात्मक विचारो ने उसे घेर लिया। उसने इस कदर उम्मीद खो दी कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया। वह जंगल में गया और वह आत्महत्या करने ही जा रहा था कि अचानक एक सन्त ने उसे देख लिया। 🔵 सन्त ने उससे कहा – बच्चे क्या बात है , तुम इस घनघोर जंगल में क्या कर रहे हो? 🔴 उस युवक ने जवाब दिया – मैं जीवन में संघर्ष करते -करते थक गया हूँ और मैं आत्महत्या करके अपने बेकार जीवन को नष्ट करने आया हूँ। सन्त ने पूछा तुम कितने दिनों से संघर्ष कर रहे हों? 🔵 युवक ने कहा मुझे दो वर्ष के लगभग हो गए, मुझे ना तो कहीं नौकरी मिली है, और ना ही किसी परीक्षा में सफल हो सकां हूँ।
🔴 सन्त ने कहा– तुम्हे नौकरी भी मिल जाएगी और तुम सफल भी हो जायोगे। निराश न हो , कुछ दिन और प्रयास करो। 🔵 युवक ने कहा– मैं किसी भी काम के योग्य नहीं हूँ, अब मुझसे कुछ नहीं होगा। 🔴 जब सन्त ने देखा कि युवक बिलकुल हिम्मत हार चुका है तो उन्होंने उसे एक कहानी सुनाई। 🔵 “एक बार ईश्वर ने दो पौधे …

एहसास

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*** -: रामायण कथा का एक  अंश :- ***
•••जिससे हमे *सिख* मिलती है! *"एहसास"* कि •••
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  ॥ॐ

*श्री राम, लक्ष्मण एवम् सीता' मैया* चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे,
राह बहुत *पथरीली और कंटीली* थी !
की यकायक *श्री राम* के चरणों मे *कांटा* चुभ गया !

श्रीराम *रूष्ट या क्रोधित* नहीं हुए, बल्कि हाथ जोड़कर धरती माता से *अनुरोध* करने लगे !
बोले- "माँ, मेरी एक *विनम्र प्रार्थना* है आपसे, क्या आप *स्वीकार* करेंगी ?"

*धरती* बोली- "प्रभु प्रार्थना नहीं, आज्ञा दीजिए !"

प्रभु बोले, "माँ, मेरी बस यही विनती है कि जब भरत मेरी खोज मे इस पथ से गुज़रे, तो आप *नरम* हो जाना !
कुछ पल के लिए अपने आँचल के ये पत्थर और कांटे छुपा लेना !
मुझे कांटा चुभा सो चुभा, पर मेरे भरत के पाँव मे *आघात* मत करना"

श्री राम को यूँ व्यग्र देखकर धरा दंग रह गई !
पूछा- "भगवन, धृष्टता क्षमा हो ! पर क्या भरत आपसे अधिक सुकुमार है ?
जब आप इतनी सहजता से सब सहन कर गए, तो क्या कुमार भरत सहन नही कर पाँएगें ?
फिर उनको लेकर आपके चित मे ऐसी *व्याकुलता* क्यों ?"

*श्री राम* बोले- &q…

नुकसान कैसे होता है

{◆नुकसान कैसे होता है इसी बात को अच्छे तरीके से समझाने के लिए मै एक स्टोरी शेयर कर रहा हु◆}

  एक सुनार  से लक्ष्मी  जी  रूठ गई ।

           जाते वक्त  बोली मैं जा रही  हूँ...

    और... मेरी जगह  नुकसान आ रहा है ।

                       तैयार  हो जाओ।

लेकिन  मै तुम्हे अंतिम भेट जरूर देना चाहती हूँ।
                                 मांगो जो भी इच्छा  हो।

                      सुनार बहुत समझदार  था।
उसने 🙏 विनती  की नुकसान आए तो आने  दो ।

लेकिन  उससे कहना की मेरे परिवार  में आपसी  प्रेम  बना रहे।

                🤔बस मेरी यही इच्छा  है।

     लक्ष्मी  जी  ने  तथास्तु  कहा।

                      कुछ दिन के बाद :-

सुनार की सबसे छोटी  बहू  खिचड़ी बना रही थी।

उसने नमक आदि  डाला  और अन्य  काम  करने लगी।

तब दूसरे  लड़के की  बहू आई और उसने भी बिना चखे नमक डाला और चली गई।

इसी प्रकार  तीसरी, चौथी  बहुएं  आई और नमक डालकर  चली गई ।

               उनकी सास ने भी ऐसा किया।

           शाम  को सबसे पहले सुनार  आया।

                  पहला निवाला  मुह में लिया।
                                 देखा बहुत ज…

अनजाने मे पाप कैसे होता है ?

𝁕𝁓 अनजाने मे पाप कैसे होता है ? 𝁓𝁕 
#कर्मों #का #फल #तो #झेलना #पड़ेगा

#एक #दृष्टान्त:-
भीष्म पितामह रणभूमि में
शरशैया पर पड़े थे।
हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी सी छोड़ देते।

ऐसी दशा में उनसे मिलने सभी आ जा रहे थे। श्री कृष्ण भी दर्शनार्थ आये। उनको देखकर भीष्म जोर से हँसे और कहा.... आइये जगन्नाथ।.. आप तो सर्व ज्ञाता हैं। सब जानते हैं, बताइए मैंने ऐसा क्या पाप किया था जिसका दंड इतना भयावह मिला?

कृष्ण: पितामह! आपके पास वह शक्ति है, जिससे आप अपने पूर्व जन्म देख सकते हैं। आप स्वयं ही देख लेते।

भीष्म: देवकी नंदन! मैं यहाँ अकेला पड़ा और कर ही क्या रहा हूँ? मैंने सब देख लिया ...अभी तक 100 जन्म देख चुका हूँ। मैंने उन 100 जन्मो में एक भी कर्म ऐसा नहीं किया जिसका परिणाम ये हो कि मेरा पूरा शरीर बिंधा पड़ा है, हर आने वाला क्षण ...और पीड़ा लेकर आता है।

कृष्ण: पितामह ! आप एक भव और पीछे जाएँ, आपको उत्तर मिल जायेगा।

भीष्म ने ध्यान लगाया और देखा कि 101 भव पूर्व वो एक नगर के राजा थे। ...एक मार्ग से अपनी सैनिकों की एक टुकड़ी के साथ कहीं जा रहे थे।
आचार्य धर्मेंद्…

व्यवहार ही असली पहचान

व्यवहार असली परिचय देता है।

एक राजा के दरबार मे एक अनजान व्यक्ति नौकरी  के लिए प्रस्तुत हुआ।
योग्यता पूछी गई, कहा, "बुद्धि का खेल जानता हूँ ।"
राजा के पास राजदरबारियों की भरमार थी, उसे खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना लिया।
कुछ दिनों बाद राजा ने उस से अपने सब से महंगे और प्रिय घोड़े के बारे में पूछा,  उसने कहा, "अच्छी नस्ल का नही है।"
राजा को आश्चर्य हुआ, उसने जंगल से घोड़े की जानकारी वालो को बुला कर जांच कराई।
उसने बताया, घोड़ा अच्छी नस्ल का नहीं हैं, लेकिन इसके जन्म पर इसकी मां मर गई थी, ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पला है।
राजा ने अपने उसको बुलाया और पूछा तुम को कैसे पता चला के घोड़ा अच्छी नस्ल का नहीं हैं?"
उसने कहा "जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सर नीचे करके, जबकि अच्छी नस्ल का घोड़ा घास मुह में लेकर सर उठा लेता हैं।
राजा उसकी परख से बहुत खुश हुआ, उसके घर अनाज, घी और अच्छे फल बतौर इनाम भिजवाया। और उसे रानी के महल में तैनात कर दिया।
कुछ दिनो बाद, राजा ने उस से रानी के बारे में राय मांगी, उसने कहा, "तौर तरीके तो रानी जैसे हैं लेकि…